11 हजार दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए मिलेगा ऋण, कौशल प्रशिक्षण भी होगा अनिवार्य

0
6
Nby

रायपुर। छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त और विकास निगम ने राज्य के 11 हजार दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

बैंकों के साथ समीक्षा बैठक में बनी रणनीति

छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त और विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में ऋण वितरण प्रक्रिया को तेज और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई।

उन्होंने अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों से कहा कि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए, ताकि दिव्यांगजन अपने व्यवसाय या रोजगार की शुरुआत कर सकें।

कौशल प्रशिक्षण होगा अनिवार्य

लोकेश कावड़िया ने स्पष्ट किया कि केवल ऋण उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं होगा। लाभार्थियों को कौशल विकास प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे अपने चुने हुए कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

इसके साथ ही हितग्राहियों को उद्यमिता संबंधी मार्गदर्शन भी दिया जाएगा, जिससे वे व्यवसाय संचालन, वित्तीय प्रबंधन और बाजार की समझ विकसित कर सकें।

विपणन सहयोग भी मिलेगा

निगम द्वारा लाभार्थियों को मार्केटिंग और विपणन सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्वरोजगार शुरू करने वाले दिव्यांगजन अपने उत्पादों या सेवाओं के लिए बेहतर बाजार हासिल कर सकें और स्थायी आय अर्जित कर सकें।

अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने कहा कि यह पहल दिव्यांगजनों को सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here