
सुल्तानगंज सावन माह में सुल्तानगंज से बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर जाने वाली कांवर यात्रा के बीच एक अनूठी और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। मुजफ्फरपुर निवासी श्रद्धालु मिथिलेश अपनी दो माह की बेटी को डोली में बैठाकर दंडवत यात्रा कर रहे हैं। उनकी इस पहल का उद्देश्य ‘बेटी बचाओ, बेटी सम्मान’ का संदेश देना है।
मिथिलेश ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने बाबा बैद्यनाथ धाम में पुत्री प्राप्ति की कामना करते हुए संकल्प लिया था कि यदि उनके घर बेटी का जन्म होगा, तो वे अगली सावन में सुल्तानगंज से बाबा धाम तक दंडवत यात्रा करेंगे। मनोकामना पूरी होने के बाद उन्होंने अपने संकल्प को निभाते हुए उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर यात्रा शुरू की।
उन्होंने कहा कि बेटी उनके परिवार के लिए ईश्वर का आशीर्वाद और मां लक्ष्मी का स्वरूप है। इसी भावना के साथ वे अपनी मासूम पुत्री को डोली में बैठाकर बाबा धाम ले जा रहे हैं।
बेटी की सुविधा का भी रखा गया पूरा ध्यान
यात्रा के दौरान बच्ची की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। डोली में उसके लिए आवश्यक सामान के साथ सौर ऊर्जा से चलने वाला पंखा भी लगाया गया है, ताकि गर्मी के बीच उसे किसी तरह की परेशानी न हो।
श्रद्धालुओं ने की पहल की सराहना
कांवरिया पथ पर यह अनोखा दृश्य श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। बड़ी संख्या में लोगों ने मिथिलेश की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आस्था के साथ समाज में बेटियों के सम्मान और संरक्षण का संदेश देना एक प्रेरणादायक प्रयास है। श्रद्धालुओं का मानना है कि ऐसी पहल समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


















