
सूरजपुरबालिका शिक्षा, महिला सुरक्षा और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कैलाशपुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनों, सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं के लिए निबंध लेखन और नारा लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसके साथ ही वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
महिला सुरक्षा कानूनों की दी जानकारी
जागरूकता सत्र में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, मासिक धर्म स्वच्छता, बाल विवाह और बाल विवाह निषेध कानून से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में संबंधित हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
इस दौरान 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 181 महिला हेल्पलाइन, 112 आपातकालीन सेवा और 1930 साइबर अपराध हेल्पलाइन के बारे में भी जानकारी दी गई।
सरकारी योजनाओं से कराया परिचित
कार्यक्रम में नोनी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना, महतारी वंदन योजना और सखी वन स्टॉप सेंटर सहित महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण एवं सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों को इन योजनाओं के उद्देश्य और उनके लाभों से अवगत कराने के साथ सूचना पुस्तिकाएं और ब्रोशर भी वितरित किए गए।
शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर
महिला एवं बाल विकास विभाग के महिला सशक्तिकरण हब से वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ फरजाना और जेंडर विशेषज्ञ श्रीमती पूनम राजवाड़े ने छात्राओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता, वित्तीय जागरूकता और आत्मविश्वास के महत्व पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध सहायता सेवाओं का उपयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती अमृता सिंह, युगल निकुंज, सुषमा खेश सहित शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



















