
रायपुर। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के एक वर्ष पूरे होने पर ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बेहतर हुई है। सूरजपुर जिले में योजना के तहत चल रही बसों से गांवों का संपर्क शहरों, बाजारों, अस्पतालों और सरकारी सेवा केंद्रों से मजबूत हुआ है।
योजना शुरू होने से पहले कई ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बस सुविधा नहीं होने के कारण विद्यार्थियों, मरीजों और आम लोगों को निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब सार्वजनिक बस सेवा मिलने से स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, तहसील और ब्लॉक मुख्यालय तक पहुंच आसान हुई है।
सूरजपुर में आठ बसें चल रहीं
जिले में योजना के तहत आठ बसों का संचालन किया जा रहा है। ये बसें सूरजपुर-बैकुण्ठपुर, ओड़गी-घुईडीह, प्रेमनगर-महंगई, भैयाथान-डुमरिया, सूरजपुर-कालीपुर, अर्जुनपुर-मोहनपुर, रामानुजनगर-पोड़ी, केवरा-प्रतापपुर और नामदगिरी-चाची जैसे मार्गों पर संचालित हो रही हैं।
इन सेवाओं का लाभ विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और ग्रामीण परिवारों को मिल रहा है। नियमित परिवहन उपलब्ध होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और जरूरी सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है।
मरीजों के लिए भी बनी मददगार
नवापारा की रहने वाली सुनैना ने बताया कि पहले बच्चों को अस्पताल ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था करना मुश्किल होता था। बस सेवा शुरू होने के बाद वह बच्चों को समय पर अस्पताल ले जाकर उनका इलाज करा सकीं।
एक साल पूरा होने के साथ यह योजना ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने और दूरस्थ गांवों को विकास के अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।



















