
कवर्धा युवा मित्र मंडल जिला कबीरधाम के नेतृत्व में युवाओं के लिए कवर्धा से द्वारका तक सात दिवसीय तीर्थ यात्रा और प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यात्रा का उद्देश्य धार्मिक एवं आध्यात्मिक अध्ययन के साथ युवाओं को संगठनात्मक और वैचारिक प्रशिक्षण देना रहा। आयोजकों के अनुसार, इस दौरान युवाओं ने ‘संवैधानिक हिंदू राष्ट्र’ की परिकल्पना को लेकर संकल्प भी लिया।
यह यात्रा पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से आयोजित की गई। 7 से 12 सितंबर 2026 तक चली यात्रा में कबीरधाम, बेमेतरा और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के करीब 60 युवा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
द्वारकाधीश से सोमनाथ तक धार्मिक स्थलों के दर्शन
यात्रा के दौरान युवाओं ने कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। इनमें द्वारिकाधीश मंदिर, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, बेट द्वारका और सुदामा पुरी प्रमुख रहे।
तीर्थ दर्शन के साथ युवाओं के लिए प्रशिक्षण सत्र और योगाभ्यास भी आयोजित किए गए। आयोजकों के मुताबिक, आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर द्वारा निर्देशित योग एवं ध्यान अभ्यास भी कराया गया।
‘संवैधानिक हिंदू राष्ट्र’ की परिकल्पना पर चर्चा
रात्रिकालीन बौद्धिक सत्रों में भारत को ‘संवैधानिक हिंदू राष्ट्र’ बनाने की परिकल्पना से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। इनमें इसकी आवश्यकता, संभावित लाभ, लक्ष्य को पूरा करने की भूमिका, समयसीमा और इसके लिए अपनाए जाने वाले मार्ग जैसे विषय शामिल रहे।
प्रत्येक प्रतिभागी ने किया सवा लाख नाम जाप
आयोजकों ने बताया कि यात्रा और प्रशिक्षण के दौरान आध्यात्मिक संकल्प के तहत प्रत्येक प्रतिभागी ने सवा लाख भगवान नाम का जाप किया। इसे यात्रा के प्रमुख आध्यात्मिक उद्देश्यों में शामिल किया गया था।
करीब 60 युवाओं ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में प्रांत संगठन मंत्री कैलाश शर्मा, प्रांत अध्यक्ष सुधीर सेंगर, उपाध्यक्ष राहुल चौरसिया, नभो मार्ग प्रमुख बृजेश तिवारी, हनुमंत दल प्रांत संयोजक हिंदू दुर्गेश देवांगन, जिला कार्यकारी अध्यक्ष सागर साहू, जिला महामंत्री रूपेश वर्मा और हनुमंत दल जिला संयोजक मनोज साहू सहित कई पदाधिकारी एवं अतिथि मौजूद रहे।
विशेष अतिथियों में विश्वजीत उर्फ मोनू ठाकुर, विकास मिश्रा और सुभाष तम्बोली शामिल रहे। प्रशिक्षणार्थियों के रूप में दीपक यादव, डेविड शर्मा, जागेलाल वर्मा, लीलाधर साहू, हेम कुमार पटेल, धनीराम साहू, राजा पाली, चंद्रू चेलक और शनेश्वर निषाद समेत करीब 60 युवाओं ने भाग लिया।
आयोजकों के अनुसार, यात्रा के जरिए युवाओं को तीर्थ दर्शन, धार्मिक-अध्यात्मिक अध्ययन, योग एवं ध्यान के साथ संगठनात्मक और वैचारिक प्रशिक्षण देने का प्रयास किया गया।


















