धान छोड़ वैकल्पिक खेती अपनाने वाले किसानों को मिलेगा ₹15 हजार प्रति एकड़ प्रोत्साहन

0
8

एमसीबी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को मंजूरी दी है। अब खरीफ सीजन में धान के बदले दलहन, तिलहन, मक्का और मिलेट्स जैसी वैकल्पिक फसलें अपनाने वाले किसानों को 15,000 रुपये प्रति एकड़ आदान सहायता दी जाएगी।

किन फसलों पर मिलेगा लाभ?

योजना के तहत जिन फसलों को शामिल किया गया है, उनमें शामिल हैं—

  • दलहन: अरहर, उड़द, मूंग
  • तिलहन: सोयाबीन, मूंगफली, तिल
  • अन्य फसलें: मक्का, कपास
  • मिलेट्स: कोदो, कुटकी, रागी

पुराने किसानों को भी मिलेगा लाभ

जो किसान पहले से खरीफ सीजन में धान के बजाय वैकल्पिक फसलें उगा रहे हैं, उन्हें भी निर्धारित शर्तों के तहत ₹10,000 प्रति एकड़ सहायता मिलेगी।

पंजीकरण जरूरी

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को एकीकृत किसान पोर्टल और एग्रीस्टेक प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। केवल वही किसान पात्र होंगे जिन्होंने पिछले खरीफ में धान की खेती की हो और इस बार वैकल्पिक फसल लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया हो।

सीधे खाते में पहुंचेगी राशि

सहायता राशि DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, ताकि वे समय पर बीज, खाद और अन्य कृषि सामग्री खरीद सकें।

सरकार का मानना है कि यह योजना कम पानी में अधिक उत्पादन, भूजल संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here