
नई दिल्लीअसम में आई भीषण बाढ़ के बीच जोरहाट की युवा कराटे खिलाड़ी जांमनी कोंवर ने मुश्किल परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपने हौसले और प्रतिभा का परिचय दिया।
जांमनी ने 7 अगस्त को नई दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में आयोजित 20वीं ऑल इंडिया इंडिपेंडेंस कप कराटे चैंपियनशिप 2026 में स्वर्ण पदक हासिल किया। उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि प्रतियोगिता से कुछ ही समय पहले उनका परिवार भीषण बाढ़ से प्रभावित हुआ था।
बाढ़ में तबाह हुआ घर, छिनी आजीविका
जोरहाट की रहने वाली जांमनी के परिवार को 19 जुलाई को आई अचानक और विनाशकारी बाढ़ का सामना करना पड़ा। बाढ़ में उनका घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और परिवार ने अपना सामान तथा आजीविका का साधन भी खो दिया।
आर्थिक स्थिति बिगड़ने के कारण जांमनी के लिए दिल्ली पहुंचकर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेना बेहद मुश्किल हो गया था। ऐसे समय में अलख पांडे ने उनकी मदद के लिए आगे आते हुए प्रतियोगिता में भाग लेने से जुड़ा खर्च उठाया और जांमनी को अपने खेल के सपने को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
मुश्किलों को पीछे छोड़कर हासिल किया स्वर्ण
मदद मिलने के बाद जांमनी दिल्ली पहुंचीं और प्रतियोगिता में पूरे आत्मविश्वास के साथ हिस्सा लिया। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
जीत के बाद जांमनी ने कहा कि बाढ़ के कारण पैदा हुई परिस्थितियों के बीच उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत पाएंगी। उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने में सहयोग देने के लिए अलख पांडे का आभार जताया।
जांमनी की यह सफलता विपरीत परिस्थितियों में भी लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने और मेहनत जारी रखने की प्रेरणादायी मिसाल बन गई है।
मुश्किलों से लड़कर जांमनी कोंवर ने जीता कराटे का स्वर्ण
नई दिल्ली, 10 अगस्त 2026। असम में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण घर और आजीविका गंवाने के बावजूद जोरहाट की युवा कराटे खिलाड़ी जांमनी कोंवर ने हौसला नहीं छोड़ा। उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
जांमनी ने 7 अगस्त को तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में आयोजित 20वीं ऑल इंडिया इंडिपेंडेंस कप कराटे चैंपियनशिप 2026 में स्वर्ण पदक हासिल किया। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता तक पहुंचने का उनका सफर बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।
बाढ़ में उजड़ गया घर
19 जुलाई को असम में आई अचानक और भीषण बाढ़ ने जांमनी के परिवार को गहरा नुकसान पहुंचाया। बाढ़ में उनका घर तबाह हो गया और परिवार ने अपना सामान और आजीविका भी गंवा दी। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण दिल्ली जाकर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेना उनके लिए लगभग असंभव हो गया था।
ऐसे मुश्किल समय में अलख पांडे मदद के लिए आगे आए। उन्होंने जांमनी के दिल्ली जाकर प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का खर्च उठाया और उन्हें अपने खेल के सपने को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
संघर्ष के बाद मिली बड़ी कामयाबी
मदद मिलने के बाद जांमनी दिल्ली पहुंचीं और राष्ट्रीय चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। तमाम मुश्किलों के बावजूद उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया।
जीत के बाद जांमनी ने खुशी जताते हुए कहा कि बाढ़ से पैदा हुए हालात के बीच उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर पाएंगी। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने में सहयोग के लिए अलख पांडे का आभार व्यक्त किया।
जांमनी की यह उपलब्धि विपरीत परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य के प्रति डटे रहने और मेहनत जारी रखने की प्रेरणादायक मिसाल बन गई है।
















