
रायपुर राष्ट्रीय दृष्टिहीनता एवं अल्प दृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2025-26 में 1 लाख 63 हजार से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। यह राज्य को दिए गए लक्ष्य का लगभग 91 प्रतिशत है, जो नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी सफलता मानी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा शासकीय संस्थानों, गैर-शासकीय संगठनों (NGO) और निजी अस्पतालों के समन्वय से दूरस्थ क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पहल से हजारों लोगों को फिर से देखने की क्षमता मिली है और उनके जीवन में नई रोशनी लौटी है।
कोविड काल के दौरान प्रभावित हुए नेत्र उपचार कार्यों को गति देने के लिए विशेष अभियान चलाया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वर्तमान में प्रदेश के 15 जिले कैटरेक्ट ब्लाइंडनेस बैकलॉग फ्री स्टेटस (CBBFS) हासिल कर चुके हैं, जबकि अन्य जिलों में भी अभियान तेज़ी से जारी है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि समय पर पहचान, जांच और निःशुल्क ऑपरेशन की व्यवस्था से प्रदेश में दृष्टिहीनता की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।



















