
बेमेतरा ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान के तहत बेमेतरा जिले में जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किए जा रहे हैं। मनरेगा के अंतर्गत वर्तमान में जिले में 118 आजीविका डबरियों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे जल संचयन के साथ ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
जिला प्रशासन के अनुसार, इन डबरियों का निर्माण वर्षा जल संग्रहण, भू-जल स्तर सुधारने और किसानों को स्थायी आजीविका उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है। डबरियों के माध्यम से किसान मत्स्य पालन, सब्जी उत्पादन, सिंघाड़ा खेती और पशुओं के लिए जल उपलब्धता जैसी गतिविधियों से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगे।
यह पहल रोजगार सृजन का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। प्रत्येक डबरी निर्माण से औसतन 1200 से 1500 मानव दिवस का रोजगार सृजित हो रहा है, जिससे ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर काम मिल रहा है और पलायन पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है।
योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसानों, महिला मुखिया वाले परिवारों तथा अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को प्राथमिकता दी जा रही है। जिला पंचायत का मानना है कि आजीविका डबरी जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण आत्मनिर्भरता का प्रभावी मॉडल बनकर उभर रही है।
मुख्य बिंदु:
🔹 ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान को मिल रही गति
🔹 बेमेतरा जिले में 118 आजीविका डबरियों का निर्माण जारी
🔹 जल संरक्षण और भू-जल संवर्धन को मिलेगा बढ़ावा
🔹 मत्स्य पालन, सब्जी उत्पादन और सिंघाड़ा खेती से बढ़ेगी आय
🔹 प्रत्येक डबरी से 1200-1500 मानव दिवस रोजगार सृजित
🔹 महिला, लघु एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता
🔹 ग्रामीण आत्मनिर्भरता और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल



















