
कोलकाता पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को चुनौती देने के लिए कोलकाता हाईकोर्ट पहुंचीं। यह मामला ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दिए जाने से जुड़ा है। तृणमूल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर विधानसभा स्पीकर के खिलाफ याचिका दायर की है।
विपक्ष के नेता की मान्यता पर विवाद
ऋतब्रत बनर्जी का दावा है कि उन्हें 58 विधायकों के समर्थन के आधार पर विपक्ष का नेता माना गया। बाद में कुछ अन्य विधायकों ने भी समर्थन पत्र सौंपे। उनके अनुसार बागी विधायकों की संख्या 67-68 तक पहुंच सकती है।
हाईकोर्ट में पहुंचीं ममता
अदालती सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी इसी मामले से जुड़ी सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया के सिलसिले में हाईकोर्ट पहुंचीं। इससे पहले भी वह चुनाव बाद हिंसा से जुड़े मामले में अदालत में वकील के रूप में पेश हो चुकी हैं।
बीजेपी पर साधा निशाना
हालिया चुनावी हार के बाद पार्टी विधायकों की बैठक में ममता बनर्जी ने कहा कि आने वाले समय में केंद्र की बीजेपी सरकार को सत्ता से हटाया जाएगा। उन्होंने पार्टी नेताओं से संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
अभिषेक बनर्जी का हमला
बैठक में तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी दबाव में आने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि चाहे कितनी भी कार्रवाई हो, बीजेपी के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।
राजनीतिक हलचल तेज
विपक्ष के नेता की मान्यता और कथित बागी विधायकों के समर्थन को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। मामले पर अब सभी की नजर हाईकोर्ट की सुनवाई और संभावित फैसले पर टिकी है।



















