
नई दिल्ली । भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को तेज हो गया। इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च निकाला और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
तिरंगा और ‘लोकतंत्र बचाओ’ लिखे बैनर लेकर सांसद चुनाव आयोग कार्यालय की ओर बढ़े। इस दौरान विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त, भाजपा और आरएसएस के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया था। चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर बैरिकेडिंग की गई थी। प्रियंका गांधी वाड्रा समेत इंडिया गठबंधन के कई नेताओं को आगे बढ़ने से रोककर कुछ देर के लिए हिरासत में लिया गया, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
वहीं, राहुल गांधी को भी पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया। इसके बाद वह एक बैरिकेड पर चढ़ गए और राष्ट्रीय ध्वज लहराया। मौके पर मौजूद इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर उनका समर्थन किया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जंतर-मंतर इलाके में धारा 163 लागू
प्रशासन ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू की है। इसके तहत क्षेत्र में कुछ तरह की सभाओं और गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। प्रशासन ने लोगों से निर्धारित नियमों का पालन करने और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन अपने विरोध को आगे भी जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।



















