
रायपुर छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले का केरे गांव अब ग्रामीण पर्यटन के नए मॉडल के रूप में तेजी से पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में शुरू हुई इस पहल ने गांव को पर्यटन और रोजगार दोनों का केंद्र बना दिया है।
क्या है खास इस मॉडल में
- गांव में अब तक 5 होमस्टे स्थापित किए जा चुके हैं
- स्थानीय लोगों को:
- अतिथि सत्कार
- होमस्टे संचालन
- प्रबंधन
का प्रशिक्षण दिया गया है
👉 इससे ग्रामीण खुद ही पर्यटन से आय अर्जित कर रहे हैं
पर्यटकों का अनुभव
- हाल ही में बिलासपुर से रांची जा रहे यात्रियों ने ‘महुआ होमस्टे’ में ठहराव किया
- उन्हें मिला:
- घर जैसा स्वादिष्ट भोजन
- साफ-सुथरी व्यवस्था
- आत्मीय स्वागत
➡️ इस अनुभव ने दिखाया कि गांव अब विश्वसनीय पर्यटन विकल्प बन रहा है
गांव को मिल रहे फायदे
- ✔️ ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर
- ✔️ स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा
- ✔️ सामुदायिक भागीदारी मजबूत
- ✔️ बाहरी पर्यटकों से सीधा जुड़ाव
क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल
यह मॉडल सिर्फ पर्यटन नहीं, बल्कि:
- आत्मनिर्भर गांव बनाने की दिशा
- सस्टेनेबल (जिम्मेदार) पर्यटन का उदाहरण
- शहरों से अलग प्राकृतिक और सांस्कृतिक अनुभव
निष्कर्ष
केरे गांव का होमस्टे मॉडल दिखाता है कि सही योजना और स्थानीय भागीदारी से छोटे गांव भी बड़े पर्यटन केंद्र बन सकते हैं।



















