
तलवारबाजी, पश्तो भाषा और ऐतिहासिक शोध के जरिए निभाया ‘अब्दाली’ का किरदार
मुंबई आगामी फिल्म ‘नागबंधम’ को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। फिल्म में अहम भूमिका निभा रहे अभिनेता ऋषभ साहनी ने अपने किरदार ‘अब्दाली’ को प्रभावी ढंग से पर्दे पर उतारने के लिए लंबे समय तक विशेष तैयारी की है। जानकारी के अनुसार, उन्होंने इस भूमिका को वास्तविकता के करीब लाने के लिए शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ ऐतिहासिक और भाषाई अध्ययन पर भी विशेष ध्यान दिया।
एक वर्ष तक ली तलवारबाजी की ट्रेनिंग
बताया जा रहा है कि ऋषभ साहनी ने अपने किरदार की मांग को देखते हुए एक वर्ष से अधिक समय तक तलवारबाजी का प्रशिक्षण लिया। इसके अलावा उन्होंने पश्तो भाषा सीखने पर भी काम किया, ताकि किरदार को अधिक प्रामाणिकता के साथ निभाया जा सके।
हिंदी और तेलुगु में खुद की डबिंग
फिल्म से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अभिनेता ने हिंदी और तेलुगु दोनों संस्करणों के लिए अपनी आवाज में डबिंग भी की है। इससे संवादों में भावनात्मक प्रभाव और किरदार की गहराई को बनाए रखने में मदद मिली।
अहमद शाह अब्दाली पर किया विस्तृत अध्ययन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऋषभ ने अपने किरदार को बेहतर ढंग से समझने के लिए ऐतिहासिक पुस्तकों और डॉक्यूमेंट्रीज़ का सहारा लिया। उन्होंने अहमद शाह अब्दाली और उसके दौर से जुड़ी सामग्री का अध्ययन कर उस समय की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया।
जानकारी के अनुसार, इस शोध ने उन्हें किरदार की मानसिकता और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को गहराई से समझने में मदद की।
‘द नागा वॉरियर्स’ से भी ली जानकारी
फिल्म की दुनिया और उसके संदर्भों को समझने के लिए अभिनेता ने लेखक अक्षत गुप्ता की पुस्तक ‘द नागा वॉरियर्स’ का भी अध्ययन किया। इससे उन्हें फिल्म की कथा और उसके पात्रों के परिवेश को समझने में सहायता मिली।
हर स्तर पर की तैयारी
फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों का मानना है कि किसी ऐतिहासिक किरदार को विश्वसनीय बनाने के लिए केवल शारीरिक बदलाव ही नहीं, बल्कि भाषा, इतिहास और भावनात्मक पक्ष की समझ भी जरूरी होती है। ऋषभ साहनी ने अपने किरदार के लिए इन्हीं सभी पहलुओं पर व्यापक तैयारी की है।



















