छत्तीसगढ़ महतारी की आरती
जय जय छत्तीसगढ़ महतारी।
सबले सुग्घर तैं सबले पियारी।..
सुरुज तोर अंगना आए बिहनिया,
परबत बिंधयाचल के पाथस छइहां,
कल-कल तोर गुनगान करत हे महानदी ,अरपा अउ पईरी।..
धान भराहे तोर ओना कोना,
धरती उगरत हे हीरा लोहा सोना,
सक्तिदायनी दंतेस्वरी बम्लेस्वरी
सदा सहारे माई खल्लारी।..
कौसिल्या माई के जनम भुइयां ,
इही रिसि मुनि के करम भुइयां,
सिबरीनरायन राजिम पबरित
सब जन जन सुख कारी ।..
अमरित कस लागे मैना सोनचिरैया,
गंग धार जसगीत पंडवानी, ददरिया ,
तीजा ,पोरा ,मड़ई मेला म
तोर महिमा लागय अब्बड़ भारी।
जय जय छत्तीसगढ़ महतारी…

लेखिका
उर्मिला देवी उर्मि
मंच संचालिका
रायपुर,छत्तीसगढ़
























