बीजापुर पोस्ट ऑफिस रिश्वतकांड में CBI ने FIR दर्ज की, ट्रांसफर–रिलीविंग के नाम पर चार अधिकारी-कर्मचारी आरोपी

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बीजापुर । डाक विभाग बीजापुर में सामने आए रिश्वतखोरी के मामले ने जिले में हड़कंप मचा दिया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने ट्रांसफर और रिलीविंग ऑर्डर जारी करने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में FIR दर्ज करते हुए डाक विभाग के चार अधिकारियों/कर्मचारियों को आरोपी बनाया है। CBI की इस कार्रवाई को जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी और सख्त पहल माना जा रहा है।

CBI को 23 दिसंबर 2025 की शाम रायपुर स्थित कार्यालय में विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई थी कि बीजापुर पोस्ट ऑफिस में पदस्थ कुछ अधिकारी और कर्मचारी अपने पद का दुरुपयोग कर कर्मचारियों से अवैध वसूली कर रहे हैं। शिकायतकर्ता का स्थानांतरण छत्तीसगढ़ से बाहर होने के कारण वह स्वयं रायपुर नहीं पहुंच सका, जिसके बाद CBI ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक टीम गठित की और 24 दिसंबर की सुबह टीम को बीजापुर भेजा गया

24 दिसंबर 2025 को CBI को इस मामले में लिखित शिकायत प्राप्त हुई। शिकायत में उप मंडलीय निरीक्षक (पोस्ट) शास्त्री कुमार पैंकरा, एबीपीएम संतोष आंद्रिक, मेल ओवरसीयर मलोथ शोभन और जीडीएस बीपीओ आंद्रिक पर रिलीविंग ऑर्डर जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया। शिकायत के अनुसार, इसके लिए कुल ₹8,000 की मांग की गई थी।

CBI इंस्पेक्टर रवि रंजन द्वारा स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में किए गए सत्यापन के दौरान ₹4,000 की अवैध मांग की पुष्टि होने पर आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया गया। इसके बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत FIR दर्ज की गई।

FIR दर्ज होने के बाद CBI की टीम ने चारों आरोपियों से लगभग 20 घंटे तक गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान ट्रांसफर, मेडिकल अवकाश और छुट्टी से जुड़े अन्य मामलों में भी रिश्वतखोरी की आशंका सामने आई है। CBI अब इन सभी बिंदुओं पर दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।

लंबी पूछताछ के बाद CBI की टीम सभी चारों आरोपियों को रायपुर ले गई, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच जारी है। इस कार्रवाई के बाद बीजापुर डाक विभाग में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। कर्मचारी वर्ग में भय और बेचैनी देखी जा रही है, वहीं आम लोगों में भी इस मामले को लेकर नाराजगी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रांसफर और रिलीविंग जैसे वैधानिक कार्यों में रिश्वत मांगना बेहद गंभीर अपराध है। CBI द्वारा FIR दर्ज कर की गई इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब सख्ती बरती जा रही है।

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