
हरेली तिहार के अवसर पर पूजा पाठ के साथ साथ विद्यार्थियों और प्राध्यापकों ने छत्तीसगढ़ी पांरपरिक गीत पर ठुमके लगाये
रायपुर:- छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा और कृषि परंपरा से जुड़ा प्रमुख लोकपर्व हरेली त्यौहार को प्रगति कॉलेज में छत्तीसगढ़ के लोक पांरपरिक त्यौहार हरेली उत्सव मनाया गया, इस पांरपरिक त्यौहार में कृषि औजार की पूजा की जाती है. साथ ही साथ इस त्योहार में किसान अपने हल और कृषि औजार की पूजा भी करते है। इस पांरपरिक त्यौहार में छत्तीसगढ़ी व्यंजन चीला, गुलगुला भजिया, खुरमी और श्रीफल चढ़ाया गया है।
इस उत्सव में महाविद्यालय के छात्र-छात्रओं द्वारा हरेली त्योहार से संबधित गीत ओर कविता के माध्यम से अपने विचार व्यक्त किये और साथ ही साथ छत्तीसगढ़ी के पारम्परिक खेल गेडी, भंवरा एवं रस्सी खीचों प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें छात्र-छात्राओं ने खेल खेलकर अद्भूत प्रदर्शन किया गया। प्रतियोगियों को पुरस्कार प्राचार्य के द्वारा प्रदान किए गये।
इस उत्सव में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सौम्या नैय्यर ने अपने उद्धबोधन में कहां कि यह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा और कृषि परंपरा से जुड़ा प्रमुख लोकपर्व का त्यौहार है इसमें किसान अपने खुशहाली और सुख समृद्धि के लिये त्यौहार को मनाते है।
यह उत्सव सभी विभाग के समस्त छात्र-छात्राओं एवं प्राध्यापकों के सहयोग एवं सहभागिता से मनाया गया। समस्त विभागों के विभागाध्यक्ष डॉ. के. एन. गजपाल, डॉ. प्रवीण कुमार यादव, डॉ. अमित ठाकुर, श्री मनु रवानी, एडमिनिस्ट्रेटर मिस ज्योति ठाकुर, श्री संजीव वर्मा, श्री कुमार बहुखण्डी और समस्त प्राध्यापकगण एवं समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।






















