
वार, फरारी और फिर गिरफ्तारी: कैमरों की नजर से बच न सके आशीष के कातिल
रायपुर। राजधानी के गंज थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पुरानी रंजिश और लेन-देन के विवाद में युवक की हत्या किए जाने का खुलासा जांच में हुआ है। पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त हथियार समेत महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार 28 मई की देर रात करीब 12:30 बजे गंज थाना क्षेत्र में एक युवक पर धारदार हथियार से हमला किए जाने की सूचना मिली थी। गंभीर रूप से घायल युवक की पहचान आशीष गरुड़ के रूप में हुई, जिसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें पाई गईं। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की थी।
हालांकि उपचार के दौरान आशीष गरुड़ की हालत लगातार नाजुक बनी रही और बाद में मेकाहारा अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में हत्या की धाराएं जोड़ते हुए अपराध को हत्या के प्रकरण में परिवर्तित कर दिया गया।
अंतिम बार किसके साथ देखा गया था आशीष?
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के परिजनों, परिचितों और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसी दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया कि घटना से पहले आशीष गरुड़ को अंतिम बार राज नायक के साथ देखा गया था।
इस सुराग के आधार पर पुलिस ने राज नायक की गतिविधियों और आपराधिक पृष्ठभूमि की गहन पड़ताल की। जांच में पता चला कि उसके विरुद्ध लूट, आर्म्स एक्ट, मारपीट और अन्य गंभीर अपराधों के करीब आधा दर्जन मामले पहले से दर्ज हैं। वह पूर्व में कई बार धारदार हथियारों के साथ भी पकड़ा जा चुका था।
CCTV फुटेज ने खोला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना गंज पुलिस ने एसीसीयू रायपुर, क्राइम ब्रांच, थाना गुढ़ियारी और रामनगर चौकी की संयुक्त टीम की मदद ली। जांच दल ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले।
तेलघानी नाका, रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों से जुटाए गए फुटेजों के विश्लेषण में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि प्रकाश सोना उर्फ टेरा पुलिस को लगातार भ्रामक और विरोधाभासी जानकारी देकर गुमराह करने की कोशिश कर रहा था।
लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज ने पूरी कहानी सामने ला दी। फुटेज में दोनों संदिग्धों की घटनास्थल पर मौजूदगी और वारदात के बाद वहां से निकलने के प्रमाण मिले।
पूछताछ में कबूला जुर्म
पुलिस द्वारा दोबारा कड़ाई से पूछताछ किए जाने पर राज नायक और प्रकाश सोना उर्फ टेरा टूट गए और उन्होंने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
आरोपितों ने बताया कि मृतक आशीष गरुड़ के साथ पुराने लेन-देन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। घटना वाली रात इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। इसी दौरान राज नायक ने धारदार हथियार से आशीष पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
वारदात को अंजाम देने के बाद राज नायक अपने साथी प्रकाश सोना के साथ साइकिल से घटनास्थल से फरार हो गया।
हथियार बरामद, जांच जारी
पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार सहित कई महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य जब्त किए हैं। साथ ही सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी विधिवत सुरक्षित किया गया है।
वैज्ञानिक, तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपितों की भूमिका प्रमाणित होने पर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है और अन्य तकनीकी तथा वैज्ञानिक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।
राजधानी में हुए इस चर्चित हत्याकांड का 24 घंटे के भीतर खुलासा रायपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
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