
रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत 108 सरकारी स्कूलों को स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां छात्रों को निजी स्कूलों जैसी आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और संभागीय संयुक्त संचालकों से चयनित विद्यालयों की विस्तृत जानकारी मांगी है। स्कूलों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, शिक्षकों के स्वीकृत और रिक्त पदों, स्टाफ की स्थिति तथा अन्य संसाधनों की रिपोर्ट 5 जून तक भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का लक्ष्य इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं और तकनीकी संसाधन विकसित करना है, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
योजना के तहत सबसे अधिक 32 विद्यालय बिलासपुर संभाग से चयनित किए गए हैं। इसके अलावा दुर्ग संभाग के 26, रायपुर के 25, बस्तर के 20 और सरगुजा संभाग के 5 विद्यालय इस पहल का हिस्सा होंगे।
रिपोर्ट मिलने के बाद चयनित विद्यालयों में शिक्षकों और अन्य आवश्यक कर्मचारियों की पदस्थापना प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार का उद्देश्य इन स्कूलों को उत्कृष्ट शिक्षा केंद्रों के रूप में विकसित कर विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।



















