
कवर्धा। स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए इस्तेमाल हो रहे VSK ऐप की व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। कवर्धा ब्लॉक में निरीक्षण के दौरान कुछ शिक्षक स्कूल में मौजूद नहीं मिले, जबकि ऐप पर उनकी उपस्थिति दर्ज थी। एक मामले में शिक्षक के दोपहर में स्कूल से चले जाने के बावजूद ऐप में शाम तक का चेक-आउट दर्ज मिला।
मामले में दो शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनसे दो दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभाग ने नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
निरीक्षण में अनुपस्थित, ऐप पर हाजिरी
23 सितंबर को संकुल प्राचार्य और समन्वयक के निरीक्षण के दौरान शाला बिरनपुर में एक शिक्षिका बिना पूर्व सूचना और अवकाश स्वीकृति के अनुपस्थित मिलीं। इसके बावजूद VSK पोर्टल पर उनकी उपस्थिति दर्ज थी।
जांच में यह भी सामने आया कि 22 सितंबर को शिक्षिका हाफ डे के बाद बिना आवेदन के स्कूल से चली गई थीं। वहीं 29 सितंबर को भी दोपहर करीब 12 बजे उनके स्कूल से चले जाने की जानकारी मिली, लेकिन ऐप पर उनका चेक-आउट शाम 3:52 बजे दर्ज था।
लिटीपुर स्कूल में भी सामने आया मामला
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला लिटीपुर में 25 अगस्त को निरीक्षण के दौरान एक शिक्षक स्कूल में मौजूद नहीं मिले। जांच के समय VSK ऐप पर उनकी उपस्थिति दर्ज पाई गई।
विभाग ने मामले को गंभीर अनुशासनहीनता और कदाचार से जुड़ा माना है। यह भी आशंका जताई गई है कि शिक्षक की गैरमौजूदगी में किसी अन्य व्यक्ति ने उनकी उपस्थिति दर्ज की हो सकती है। हालांकि, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
VSK सिस्टम की निगरानी पर भी सवाल
दो मामलों के सामने आने के बाद VSK ऐप की ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था और उसकी निगरानी पर भी सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि गलत उपस्थिति तकनीकी समस्या, लॉगिन साझा करने या किसी अन्य माध्यम से दर्ज हुई।
बीईओ कार्यालय ने दोनों शिक्षकों से जवाब मांगा है। जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
सितंबर में भी कवर्धा में ऑनलाइन उपस्थिति से जुड़े मामलों में शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन रोके जाने की कार्रवाई सामने आ चुकी है।



















