
नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित स्ट्रीट वेंडर्स संगठन के विशेष कार्यक्रम में देशभर से आए वेंडर प्रतिनिधियों और कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों ने हिस्सा लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्ट्रीट वेंडर्स की समस्याओं, अधिकारों और सरकारी नीतियों पर चर्चा करना रहा।
कार्यक्रम में सांसद मनोज तिवारी, शहरी विकास मंत्री कपिल मिश्रा और संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक पांडे सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। वक्ताओं ने वेंडर समुदाय के सामने मौजूद चुनौतियों और उनके समाधान पर अपने विचार रखे।
सम्मेलन के दौरान मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल का भी विश्लेषण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार की कई योजनाओं ने विकास को गति दी है, लेकिन वेंडर समुदाय अब भी अनेक समस्याओं से जूझ रहा है।
चर्चा में लाइसेंसिंग की समस्या, वित्तीय सहायता की कमी, शहरी नियोजन में बाधाएं और अनियमितता जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। वेंडर प्रतिनिधियों ने मांग की कि सरकार और संबंधित विभाग मिलकर इनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाएं।
कार्यक्रम का पहला सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें वेंडर समुदाय से सुझाव लिए गए। अब दूसरे सत्र की तैयारी की जा रही है, जहां नीतिगत सुझाव और ठोस प्रस्ताव सामने रखे जाएंगे।
आयोजन के अंत में सरकार और वेंडर समुदाय के बीच बेहतर समन्वय और संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि भविष्य में वेंडर्स के हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।



















