
17 से ज्यादा ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, एनजीओ और बैंकिंग लेनदेन जांच के दायरे में
नई दिल्ली बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की कथित अवैध घुसपैठ और उनके लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को कई अहम सुराग मिले हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि कुछ संस्थाएं विदेशों से फंडिंग प्राप्त कर इस नेटवर्क से जुड़ी गतिविधियों में शामिल थीं। मामले की जांच अभी जारी है।
चार राज्यों में 17 से अधिक स्थानों पर छापेमारी
ईडी ने पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा में 17 से अधिक ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान कुछ एनजीओ के परिसरों की भी जांच की गई, जहां से दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त की गई है। एजेंसी अब इन दस्तावेजों की जांच कर रही है।
विदेशी फंडिंग और धन के इस्तेमाल की जांच
प्रारंभिक जांच के आधार पर ईडी को संदेह है कि कुछ संस्थाओं को विदेशों से आर्थिक सहायता मिल रही थी। एजेंसी यह पता लगा रही है कि इस धनराशि का इस्तेमाल कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहे लोगों के लिए फर्जी पहचान दस्तावेज तैयार कराने और अन्य गतिविधियों में तो नहीं किया गया।
बैंकों की भूमिका भी जांच के घेरे में
ईडी अब उन बैंकों से भी जानकारी जुटा रही है, जहां संबंधित एनजीओ के एफसीआरए खाते संचालित थे। साथ ही कुछ बैंक खातों के खुलने की प्रक्रिया और केवाईसी नियमों के पालन की भी जांच की जा रही है।
उत्तर प्रदेश में भी नेटवर्क की जांच तेज
जांच एजेंसियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भी इस कथित नेटवर्क की गतिविधियों की जांच की जा रही है। एटीएस पहले भी ऐसे मामलों में कार्रवाई कर चुकी है और कुछ मामलों में अदालत द्वारा आरोपियों को दोषी ठहराया जा चुका है।
जांच जारी, आगे और कार्रवाई संभव
ईडी का कहना है कि पूरे नेटवर्क, विदेशी फंडिंग और धन के प्रवाह की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



















