
निर्माण कार्य के दौरान जंगल और तालाब किनारे से मुरुम निकालने की शिकायत, वन विभाग की भूमिका पर भी सवाल
बीजापुर। विकासखंड बीजापुर की तुमनार पंचायत में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत निर्माणाधीन सड़क परियोजना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण के दौरान वन भूमि से कथित रूप से अवैध मुरुम उत्खनन किए जाने के आरोप सामने आए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण का कार्य कर रही एक निजी निर्माण कंपनी द्वारा जंगल क्षेत्र और तालाब की मेड़ के आसपास से मुरुम निकाला जा रहा है, जिससे पर्यावरण और वन संपदा को नुकसान पहुंच रहा है।
वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचने की आशंका
ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक निर्माण सामग्री जुटाने के लिए बड़े पैमाने पर वन क्षेत्र का उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि इस प्रक्रिया में कई छोटे-बड़े पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
ठेकेदार पर पहले भी लगे थे आरोप
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि संबंधित ठेकेदार का नाम पहले भी नेशनल पार्क क्षेत्र में कथित अवैध मुरुम खनन से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वन विभाग की निष्क्रियता पर सवाल
मामले में सबसे अधिक सवाल वन विभाग की भूमिका को लेकर उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगलों को नुकसान पहुंचने और अवैध उत्खनन के आरोपों के बावजूद विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दी है।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते जांच और कार्रवाई नहीं हुई, तो क्षेत्र के वन संसाधनों को गंभीर क्षति पहुंच सकती है।
रात में उत्खनन की भी चर्चा
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि संभावित कार्रवाई और जुर्माने से बचने के लिए कुछ स्थानों पर रात के समय मुरुम उत्खनन किए जाने की भी चर्चा है। हालांकि इस संबंध में प्रशासन या वन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। अब निगाहें प्रशासन और वन विभाग पर हैं कि वे इन आरोपों की जांच कर क्या कदम उठाते हैं।


















