
रायपुर छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (CGMSC) से जुड़े करीब 550 करोड़ रुपये के घोटाले में जांच एजेंसी ने अदालत में पूरक चालान पेश किया है। इस कार्रवाई के साथ मामले में चार और आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया।
जांच में सामने आए नए तथ्य
जांच के दौरान वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े कई नए खुलासे हुए हैं। बताया जा रहा है कि
- हमर लैब योजना के तहत
- मेडिकल उपकरण और रिएजेंट्स की खरीदी में
- टेंडर प्रक्रिया में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई
मिलीभगत से प्रभावित हुआ टेंडर
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों ने आपसी साठगांठ कर
- कार्टेल बनाकर टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित किया
- प्रतिस्पर्धा को कमजोर कर अनुचित लाभ लिया
अब तक की कार्रवाई
- कुल 10 आरोपियों के खिलाफ चालान प्रस्तुत
- चार नए आरोपियों को हाल ही में अदालत में पेश किया गया
जांच जारी
एजेंसी का कहना है कि मामले की आगे भी जांच जारी है, और आने वाले समय में और खुलासे संभव हैं।
यह मामला राज्य के स्वास्थ्य तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।



















